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क्या लखनऊ को लक्ष्मणपुरी करने का मन बना चुके हैं योगी आदित्यनाथ? दे रहे हैं ये संकेत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले कार्यकाल में फैजाबाद जिले का नाम बदलकर ‘अयोध्या’ और इलाहाबाद का ‘प्रयागराज’ किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (16 मई 2022) को लखनऊ पहुंचे थे और हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर एक ट्वीट किया और लिखा शेषावतार भगवान श्री लक्ष्मण जी की पावन नगरी लखनऊ में आपका हार्दिक स्वागत व अभिनन्दन। सीएम योगी का ये ट्वीट कई सन्देश देता है।

अपने पहले कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद जिले का नाम बदलकर ‘अयोध्या’ और इलाहाबाद का ‘प्रयागराज’ करने के साथ ही लंबे समय से लंबित दो मांगों को पूरा किया। क्या लखनऊ अगला हो सकता है? ऐसा माना जाता है कि लखनऊ का नाम पहले लक्ष्मणपुरी था और इसे बाद में बदला गया। भाजपा के कई बड़े नेताओं ने समय-समय पर लखनऊ का नाम बदलकर “लक्ष्मणपुरी” करने की मांग उठाई है।

योगी आदित्यनाथ का ट्वीट लखनऊ को लक्ष्मण के शहर के रूप में पेश करने की सरकार की मंशा का संकेत देता है। यदि इसका नाम नहीं बदलता है, तो लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने लखनऊ नगर निगम द्वारा गोमती नदी के पास लक्ष्मण की 151 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना का बनाई है। योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र ने लखनऊ का नाम बदलकर लक्ष्मणपुरी करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर यह सर्वसम्मति से किया जाता है, तो इससे लोगों को पुराने युग की संस्कृति से जुड़ने में मदद मिलेगी।

लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि निगम ने गोमती के पास स्थान के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा था। उन्होंने बताया कि उनका प्रशासन न केवल लक्ष्मण की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करेगा बल्कि राम की नगरी अयोध्या के प्रवेश द्वार के रूप में लक्ष्मणपुरी की महिमा को बहाल करेगा।

मेयर ने बताया, “निगम द्वारा प्रतिमा के लिए पहले ही 15 करोड़ रुपये अलग रखे जा चुके हैं और यह भव्यता के लिए और अधिक धन जुटा रहा है। इसका आधार लक्ष्मणपुरी के इतिहास को दर्शाने वाले लक्ष्मण पर एक संग्रहालय की तरह होगा। हम पूरी परियोजना को रिवरफ्रंट विकास से जोड़ने की योजना बना रहे हैं।”

वहीं लखनऊ के नाम बदलने की चर्चाओं पर सपा नेता राजेन्द्र चौधरी ने कहा, “यह आश्चर्य की बात नहीं है कि वे अब लखनऊ को लक्ष्मण की भूमि के रूप में बात कर रहे हैं क्योंकि यह उनके एजेंडे के अनुसार है। उनके एजेंडे में गरीबों, वंचितों या बेरोजगारों के लिए भविष्य की योजना शामिल नहीं है।”

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