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कोरोना ने छीनी 30 लाख से ज्यादा जीवन: शुरुआत में 10 लाख का आंकड़ा छूने में 6 महीने लगे, अब 2 महीने में 10 लाख लोगों की मौत; शीर्ष 4 में भी भारत

के कारण भारत अमेरिका ब्राजील मेक्सिको में कितनी मौतें हुईं

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नई दिल्ली 3 घंटे पहले

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बढ़ते कोरोना केस के बीच बिहार की राजधानी पटना में वैक्सीनेशन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। - Dainik Bhaskar

बढ़ते कोरोना केस के बीच बिहार की राजधानी पटना में वैक्सीनेशन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। ।

दुनिया भर में कोरोनावायरस से मौतों का आंकड़ा 30 लाख के पार हो चुका है। कोविड -19 के नए तनाव ने कई देशों की हालत बिगाड़ दी है। कई देश वैक्सीनेशन बढ़ाकर वायरस को फैलाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

दुनिया में 28 सितंबर तक 10 लाख मौतें हुईं। अगले 10 लाख मृत्यु सितंबर से लेकर 21 फरवरी तक (5 महीने से भी कम समय में) हुईं। इसके बाद मरीजों की मौत का सिलसिला तेजी से बढ़ा है। 10 लाख लोगों की मौत केवल 2 महीने के अंदर ही हुई है। मरीजों की मौत के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर, जेसन दूसरे और मेक्सिको तीसरे नंबर पर है। इसके बाद चौथे नंबर पर भारत का नंबर है। यहां मौत के मामले पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़े हैं।

ट्रम्प की पार्टी के 91% नेताओं ने पहनावा नहीं किया जब दुनिया में महावीर की शुरुआत हुई तो दो एजेंसियों ने डेवलपर किया। इसमें से एक न्यूक्लियर थ्रेट इनिशियन और दूसरा जॉन हॉकिंग सेंटर फॉर हेल्थ सिक्युरिटी था। इन दोनों ने 195 देशों में सर्वे किया। दावा था कि अमेरिका में इससे निपटने के लिए सबसे अच्छा प्रबंधन होगा, लेकिन हुआ इसका ठीक उलट।

अमेरिका में अब तक 5 लाख 64 हजार लोगों की मौतें हो चुकी हैं। वहाँ, परेशानियों का दौर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय शुरू हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे एक बीमारी मानने से ही इनकार कर दिया, लेकिन बाद में उनमें जटिलताओं का अहसास हुआ। पिछले साल 11 जुलाई तक ट्रम्प ने फंक्शन नहीं पहने थे। प्यू रिसर्च ने एक रिपोर्ट में बताया कि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के 29% नेता खुद ही पहनते हैं। शुरुआत में यूएस ने टेस्टिंग भी कम की है। तब उन लोगों का ही टेस्ट किया जा रहा था, जिनमें कोरोना के लक्षण ज्यादा थे।

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ये फोटो उस समय की है, जब ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति थे और कोरोनाचल में बिना वर्क के एक फैक्ट्री। का दौरा करने पहुंचे थे।

जेसन में जुलाई तक आंकड़ा पहुंच सकता है 5 लाख बढ़ते कोरोना केस के बीच बिहार की राजधानी पटना में वैक्सीनेशन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। - Dainik Bhaskar कोरोनावायरस से जेसन में अब तक 3 लाख 68 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यहां भी शुरुआत में लोगों के इलाज में लापरवाही बरती गई। जेन के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने तो कोरोना को एक सामान्य बुखार बता दिया और देश में लॉकडाउन लगाने वाली इनकार कर दिया।

जेम्सटन यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक़ जेनसन में जुलाई 2021 तक मौत के आंकड़े 5 लाख के पास हो सकते हैं। जिम के ज्यादातर अस्पतालों में अभी से आईसीयू (इंटेंसिव कैर यूनिट)) फुल हो चुके हैं और नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई है। यहां मार्च के लिए तय टारगेट (4 करोड़ 6 लाख) से आधा वैक्सीनेशन भी नहीं हुआ है। माइकल अपनी पूरी आबादी के वैक्सीनेशन के लायक वैक्सीन नंबर कर रहा है।

जेसी की राजधानी ब्राजीलिलिया में कोरोना के मरीजों की मौत के मामले बढ़े हैं। इसलिए एडवांस में कब्रें खोदी जा रही हैं।

मेक्सिको की सरकार हेल्थकेयर पर पैसे खर्च नहीं कर रही मैक्सिको के ग्रामीण इलाकों में भी वैक्सीनेशन का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे ही एक सेंटर के बाहर लगी लोगों की भीड़। बाकी देशों की तुलना में मेक्सिको पर कोरोनावायरस से नुकसान का कारण अलग है। पटना यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक यहां सरकार हेल्थकेयर सिस्टम, कोरोना टेस्ट और ट्रीटमेंट पर पैसे खर्च नहीं कर रही है। इसके कारण हालात काफी खराब हैं। 12.5 करोड़ की आबादी वाले देश में अब तक 2 लाख 11 हजार लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक कम टेस्टिंग की वजह से आंकड़े भी कम हैं। यहां पर लगभग 3 लाख 30 हजार लोग कोरोना से मर चुके हैं। यहां शुरुआत में सरकार की तरफ से लोगों को जागरूक करने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं की गई।

मेक्सिको के ग्रामीण इलाकों में भी वैक्सीनेशन का काम तेजी से हो रहा है।] ऐसे ही एक केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ लग गई।

भारत की युवा आबादी के कारण मौत के आंकड़े कम भारत में कोरोना से अब तक 1 लाख 75 हजार लोगों की मौत हुई है। हालांकि यहां कोरोना केस के हिसाब से मौतों का आंकड़ा बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन वायरस फैलने के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार के सर्वे के मुताबिक भारत में कोरोना से मौत का आंकड़ा 0.08 प्रतिशत है। अमेरिका में मौतों का आंकड़ा 0.6 प्रतिशत है, जो भारत से 8 गुना ज्यादा है। इसका कारण भारत की एक बड़ी आबादी का युवा होना बताया जा रहा है।

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