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कोरोना तेजी से UP में कम हो रहा

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  3. कोरोना तेजी से UP में कम हो रहा- योगी का दावा, आचार्य ने पूछा- फिर मौतें क्यों बढ़ रही हैं CM जी?

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने की दर लगातार बढ़ रही है तथा संक्रमण दर में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है जो अप्रैल में 16.33 प्रतिशत से घटकर अब 4.8 फीसदी पर आ गई है।

Author भाषा
Edited By सचिन शेखर

Updated: May 16, 2021 5:58 PM

yogiउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फोटो- पीटीआई

कोविड-19 से देश में हर दिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को दावा किया कि राज्य में कोरोना के मामले कम हो रहे हैं। उनके दावे पर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने सवाल किया है कि अगर केस कम हो रहे हैं तो मौतें क्यों बढ़ रही है?

बताते चलें कि योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने की दर लगातार बढ़ रही है तथा संक्रमण दर में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है जो अप्रैल में 16.33 प्रतिशत से घटकर अब 4.8 फीसदी पर आ गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश कोरोना वायरस की सर्वाधिक जांच करने वाला राज्य बन गया है जहां प्रतिदिन औसतन 2.5 लाख नमूनों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में अब तक तीन करोड़ लोगों को कोविड रोधी टीका मुफ्त लगाया जा चुका है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर पूछा कि फिर मौतें क्यों बढ़ रही हैं CM जी?

उन्होंने कहा कि बच्चों तथा महिलाओं को इस संक्रमण से ज्यादा खतरा बताया जा रहा और इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं तथा बच्चों के लिए समर्पित अस्पताल तैयार किये जा रहे हैं और 102 नम्बर की 2200 एम्बुलेंस को महिलाओं तथा बच्चों के उपचार के लिए समर्पित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1,080 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है तथा सभी जिलों में 72 घंटे से अधिक की रिजर्व ऑक्सीजन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ऑक्सीजन के सुचारू परिवहन के लिए क्रायोजेनिक टैंकर की व्यवस्था के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में रहने वाले गरीब लोगों को तीन माह तक हर महीने प्रत्येक सदस्य तीन किलोग्राम गेहूं तथा दो किलोग्राम चावल निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

शहरी क्षेत्र में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा, आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालक, पल्लेदार, नाविक, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि को प्रतिमाह 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जा रहा है।

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