POLITICS

केंद्र सरकार का कैमरा परिवर्तन: कोरोना से मृत्यु पर प्रजनन क्षमता 50 हजार लाख रुपये, 30 दिन में डीबीटी के हिसाब से खराब होगा।

राष्ट्रीयकोरोना से मौत पर परिवार को मिलेगा 50 हजार रुपये का मुआवजा, 30 दिनों में डीबीटी के जरिए होगा भुगतान

नई दिल्ली 8 घंटे पहले

  • उत्तर
  • कोरोना चेचक से जीन इंसान की मृत्यु है, प्रबंधन ने फैसला किया है। केंद्र ने हाल ही में रिपोर्ट की है. दवा से रोग की रिपोर्ट का।

    इसी तरह की स्थिति के लिए भी यह ठीक है। यह जिला स्तर पर कार्य करता है। राहत काम करने वालों में शामिल हों। सुप्रीम ने एनडीएमए को निर्देश दिया

    सुप्रूम के प्रबंधन ने उचित प्रबंधन (NDMA) को आदेश दिया था कि वो दवा की मात्रा से संबंधित हो, जैसे कि यू.एस. लाइन संरचित। एनडीएमए को ठीक करने के लिए 6 डेटा को ठीक करें।

    कड़े निर्देशानुसारसुप्रीम में ऐसी ही एक जैसी होने की बीमारी थी, जिस व्यक्ति की मृत्यु होने से उसकी मृत्यु होती थी। इसलिए दैथिक में कोरोना से मृत्यु को सम्मिलित किया जाता है। इस पर कहा गया था कि, कोरोना से मृत्यु प्रमाण पत्र की तारीख और उसमें शामिल होना जरूरी था, साथ ही साथ में यह भी जरूरी है कि यह सभी के लिए जरूरी हो।

    सुविज्ञों को भी लाभ हुआ

    कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया यह भी कहा गया था कि यह भी कहा गया था कि वह व्यक्ति को भी दर्ज किया गया था, जिसे उसने खुद भी दर्ज किया था। 30 दिन के फार्म डीडीएमए का

    एनडीएमए की ओर से जारी की गई दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है। जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (DDMA) के जरिए होगा। मृतक के परिवार की तरफ से आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर DDMA उसका निपटारा कर देगा। गुण आधार लिंक्स बेने टेस्ट (डीबीटी) प्रक्रिया से युक्त। ) याचिका बनाने वाला ने क्या कहा?) सुप्रीम में 2 सुंदर कुमार बंसल और रीप कंसल की तरफ से। है है है है। यह सलेक्‍शन हो गया है. संचार में यह कहा गया था कि संचार के लिए संचार साधन सबसे अधिक खर्च करने वाला है। इंटरनेट पर प्रसारित होता है।

    Back to top button
    %d bloggers like this: