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कीमती तोहफे नहीं, सीधे पैसे दें

BSP Chief Mayawati: बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आने वाले उनके जन्मदिन पर लोग पार्टी को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए सीधे पैसे दें। महंगे उपहार न दें।

Uttar Pradesh News: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार (22 अक्टूबर, 2022) धनतेरस के दिन लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश जारी किए। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आने वाले उनके जन्मदिन पर लोग पार्टी को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए सीधे पैसे दें। महंगे उपहार न दें।मायावती ने कहा कि उन्हें कीमती उपहार देने की बजाए पार्टी मूवमेंट के हित में हमेशा की तरह सीधे तौर पर आर्थिक सहयोग देना बेहतर होगा।

शनिवार सुबह बसपा सुप्रीमो द्वारा बुलाई गई इस बैठक में पार्टी के प्रदेश भर के सभी पदाधिकारी, सेक्टर प्रभारी और विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी जोनल कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे। इस दौरान बसपा की इस बैठक में निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव 2024 समेत आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

‘भाजपा महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी से ध्याना भटकाना चाहती’

पार्टी नेताओं के साथ बैठक में बसपा सुप्रीमो ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई से जनता का ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि देश पर हिंसा-तनाव से सामाजिक स्तर पर गलत असर पड़ रहा है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और गंभीर अपराध से असुरक्षा का वातावरण पैदा हो रहा है।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि बेकारी आदि से बढ़े अपराधों से जेलों में काफी ओवरफ्लो है। उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। जो देश और राज्य की सरकारों के लिए अनचाहा अतिरिक्त बोझ है। इस दौरान मायावती ने पार्टी नेताओं से कहा कि वो उनका जन्मदिन सादगी से मनाएं। बता दें, मायावती का जन्मदिन 15 जनवरी को मनाया जाता है।

इमरान मसूद एक जाना-पहचाना नाम, यूपी की राजनीति के लिए शुभ संकेत: मायावती

बता दें, 19 अक्टूबर को इमरान मसूद ने बसपा का दामन थाम लिया। इसके बाद मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि उत्तर प्रदेश व ख़ासकर पश्चिमी यूपी की राजनीति में इमरान मसूद एक जाना-पहचाना नाम है, जिन्होंने आज अपने करीबी सहयोगियों के साथ मुझसे मुलाकात की और वे समाजवादी पार्टी छोड़कर, अच्छी नीयत व पूरी दमदारी से काम करने के वादे के साथ, बीएसपी में शामिल हो गए, जिसका तहेदिल से स्वागत। साथ ही, पार्टी में काम करने के इनके जबर्दस्त जोश व उत्साह को देखकर आज ही उन्हें पश्चिमी यूपी बीएसपी का संयोजक बनाकर वहां पार्टी को हर स्तर पर मज़बूत बनाने व ख़ासकर अक़लीयत समाज को पार्टी से जोड़ने की भी विशेष ज़ि़म्मेदारी सौंपी गई।

मायावती ने आगे कहा था कि आजमगढ़़ लोकसभा उपचुनाव के बाद व अब स्थानीय निकाय चुनाव से पहले मसूद व अन्य लोगों का बीएसपी में शामिल होना यूपी की राजनीति के लिए इस मायने में शुभ संकेत है कि मुस्लिम समाज को भी यकीन है कि भाजपा की द्वेषपूर्ण व क्रूर राजनीति से मुक्ति के लिए सपा नहीं बल्कि बीएसपी ही जरूरी।

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