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एंटीलिया केस: एनआईए कोर्ट ने सचिन वज़े को 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा, वज़े के वकील ने सिफ सेल में रखने की मांग की

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मुंबई

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    बुधवार को सचिन पी.एम. का कंपलीट हेल्थ चेकअप हुआ था। माना जा रहा है कि आज एनआईए की टीम उस रिपोर्ट को अदालत में पेश करेगी।

    एंटीलिया केस में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के सस्पेंडेड एपीआई सचिन वेज़ को NIA कोर्ट ने 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब तक वज़े को NIA की हिरासत में रखा गया था। इसकी मियाद आज खत्म हो रही है, लिहाजा जांच एजेंसी ने उसे कोर्ट में पेश किया था। वज़ से ही जुड़े मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में और जांच की बात कह NIA ने वज़ की कस्तडी बढ़ाने की मांग की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान वजे के वकील ने उसे जेल में एक सिफ सेल में रखने की मांग की।

    अदालत ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की उस अर्जी को भी मान लिया, जिसमें उसने एनआईए को सबूतों और डॉक्युमेंट्स की जांच की बात कही थी। अदालत में पेशी से पहले भी सीबीआई की टीम ने तीसरी बार सचिन वज़े से हस्तक्षेप की। इधर, एनआईए की टीम इस केस में पूर्व एनकाउंटर कॉप प्रदीप शर्मा का भी दो बार बयान दर्ज कर चुकी है। बुधवार को शर्मा से 8 घंटे और गुरुवार को 9 घंटे की पूछताछ हुई। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए को संदेह है कि वझे के पूरे खेल में शर्मा का भी हाथ हो सकता है।

    लेटर लीक होने का मुद्दा अदालत में उठा

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    7 अप्रैल की पेशी के ठीक बाद सचिन वेज़ का एक लिखित बयान मीडिया में लीक हो गया था। इसमें उन्होंने देशमुख के साथ महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब पर भी आरोप लगाया। यह कथन वज़े की ओर से NIA की कस्तडी में रहने के दौरान गया था। बयान के लीक होने का मुद्दा NIA की ओर से अदालत में उठाया गया, जिसके बाद जज ने वज़ के वकील अबाद पोंडा से पूछा कि यह लेटर कैसे लीक हुआ। इसपर स्पष्ट जवाब देने पर अदालत ने पोंडा से कहा कि ध्यान रखिए आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए।

    UAPA में वेज़ की 30 दिन की कस्तडी चाहती है NIA

    एनआईए वर्तमान में एंटीलिया के पास विस्फोटक बरामदगी केस और स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या की जांच कर रही है। इससे पहले हिरेन की हत्या की जांच महाराष्ट्र के एंटी टेरेरिस्ट स्क्विड (एटीएस) ने शुरू की थी और पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे और क्रिकेट बुकी राजेश गोरे को अरेस्ट किया गया था। सचिन वज़े अभी 9 अप्रैल तक एनआईए कस्तडी में थे। वहीं, शिंदे और गोरे को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुधवार को सचिन बजे का कंपलीट हेल्थ चेकअप हुआ था। माना जा रहा है आज एनआईए की टीम उस रिपोर्ट को अदालत में पेश करेगी। - Dainik Bhaskar पिछली बार अदालत में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अनलॉफुल एक्ट जस्टिस (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) के तहत वेज़ को 30 दिन की कस्टडी में रखने की डिमांड की थी। इस दौरान अदालत ने कहा था कि अगली बार पेशी के दौरान सचिन वज़े को लेकर एक डिटेल स्वास्थ्य रिपोर्ट पेश की जाएगी। अदालत के आदेश पर गुरुवार को वेज़ का कंप्लीट हेल्थ चेकअप हुआ था। पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली मामले की जांच करने वाली सीबीआई ने भी वज़ की कस्तडी के लिए अदालत में फिर से अर्जी लगाई है। अर्जी में CBI ने NIA की कस्टडी में मौजूद वज़ की उस दी की जांच की मांग की है, जिसमें वज़ ने पैसों की लेन-देन का हिसाब लिखा था। यह दी क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के एक लॉकर से बरामद हुआ था। इसके अलावा NIA को वज़े की महिला मित्र के पास से भी एक डाय मिली है।

    ) हालांकि, इससे पहले वह गुरुवार को एनआईए कस्टडी में वज़े से इंटर कर चुका है। वेज़ के अलावा परमबीर सिंह, जयश्री पाटिल, डीसीपी राजू भुजबल, एसीपी संजय पाटिल के बयान भी सीबीआई ने दर्ज किए हैं।

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