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इतिहास में आज:देश को विज्ञान का पहला नोबेल दिलाने वाले सीवी रमन के इफेक्ट की खोज, चांद पर पानी तलाशने में भी होता है इसका इस्तेमाल

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भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने आज ही के दिन 1928 को केएस कृष्‍णन समेत अन्‍य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रमन इफेक्ट की खोज की। रमन इफेक्ट का इस्तेमाल आज भी कई जगहों पर हो रहा है। जब चंद्रयान-1 ने चांद पर पानी होने की घोषणा की तो इसके पीछे भी रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का ही कमाल था। फॉरेंसिक साइंस में भी रमन इफेक्ट काफी उपयोगी साबित हो रहा है। अब यह पता लगाना आसान हो गया है कि कौन-सी घटना कब और कैसे हुई थी।

अपनी खोज में सीवी रमन ने साबित किया कि जब किसी पारदर्शी वस्तु के बीच से प्रकाश की किरण गुजरती है तो उसकी वेव लेंथ (तरंग दैर्ध्य) में बदलाव दिखता है। इसे रमन इफेक्ट कहा जाता है। उनकी इस खोज को सम्मान देने के लिए इस दिन को नेशनल साइंस डे के रूप में मनाया जाता है। इसी आविष्कार के लिए उन्हें 1930 में विज्ञान का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

सर सीवी रमन को विज्ञान के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए 1954 में भारत रत्‍न से नवाजा गया था। लाइट स्कैटरिंग इफेक्ट की इस खोज के लिए उन्हें 1930 में फिजिक्स का नोबेल दिया गया। रमन विज्ञान का नोबेल जीतने वाले पहले भारतीय थे। उनका जन्म 7 नवंबर 1888 में मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ था। रमन ने 1907 में असिस्टेंट अकाउंटेंट जनरल की नौकरी की, लेकिन हमेशा से विज्ञान ही उनका पहला प्यार रहा। वे किसी न किसी तरह लैबोरेटरी में पहुंचकर अपनी रिसर्च करते रहते थे।

1917 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ी और कलकत्ता यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के प्रोफेसर हो गए। यहीं पर रमन इफेक्ट की खोज की थी। 82 साल की आयु में 1970 में उनका निधन हो गया।

भारत के पहले और दो कार्यकाल पूरा करने वाले भारत के इकलौते राष्ट्रपति का निधन

आज ही के दिन 1963 में देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद का निधन हुआ था। प्रसाद 26 फरवरी 1950 से 1962 तक राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति के रूप में दो कार्यकाल पूरे करने वाले वे इकलौते राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति के पद से हटने के बाद वे पटना के पास सदाकत आश्रम में आम जीवन गुजारने लगे थे। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया।

राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव में हुआ था। 12 साल की उम्र में विवाह राजवंशी देवी से हो गया। राजेंद्र प्रसाद बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे। एक बार उनकी एग्जाम की कॉपी देखने के एग्जामिनर ने उस पर लिख दिया था कि एग्जामिनी इज बेटर देन एग्जामिनर यानी परीक्षार्थी, परीक्षक से ज्यादा योग्य है।

मास्टर्स कंप्लीट करने के बाद राजेंद्र प्रसाद मुजफ्फरपुर के लंगत सिंह कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में काम करने लगे और कुछ समय बाद वहां के प्रिंसिपल बन गए। हालांकि, साल 1909 में वे नौकरी छोड़कर लॉ की पढ़ाई के लिए कलकत्ता चले आए। 1915 में लॉ में मास्टर्स की डिग्री कंप्लीट की। 1916 में उन्होंने बिहार हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। 1937 में उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि भी अर्जित की।

पढ़ाई के दौरान ही 1905 में वे स्वदेशी आंदोलन से जुड़ गए थे। 1911 में उन्होंने कांग्रेस ज्वॉइन की। 1934 में मुंबई अधिवेशन के लिए उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। 1939 में सुभाषचंद्र बोस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद वे एक बार फिर से कांग्रेस के अध्यक्ष बने। 15 जनवरी 1934 को बिहार में एक विनाशकारी भूकम्प आया तब वे जेल में थे। जेल से छूटने के बाद वे भूकम्प पीड़ितों के लिए धन जुटाने में जुट गए और वायसराय से तीन गुना ज्यादा रकम इकट्ठा की थी।

देश-दुनिया में 28 फरवरी को हुई अन्य घटनाएं…

1991: अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने खाड़ी युद्ध में संघर्ष विराम की घोषणा की। इराक की हार के साथ ही कुवैत आजाद हुआ।

1986: स्वीडन के प्रधानमंत्री ओलोफ की हत्या हुई। हमले के वक्त ओलोफ अपनी पत्नी लिस्बेथ पाल्मे के साथ फिल्म देखकर घर लौट रहे थे।

1953: जेम्स डी वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने DNA के केमिकल स्ट्रक्चर की खोज की। इस खोज के लिए उन्हें सन 1962 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

1947: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का जन्म हुआ।

1944: हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक रवीन्द्र जैन का जन्म हुआ। रामानंद सागर के सीरियल रामायण के अलावा उन्होंने चोर मचाए शोर, गीत गाता चल, चितचोर और अखियों के झरोखे से जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया है।

1936: भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू का निधन हुआ।

1927: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति कृष्णकान्त का जन्म हुआ।

1572: मेवाड़ के शासक और महाराणा प्रताप के पिता राणा उदयसिंह का निधन हुआ।

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