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आप को 10 दिन में 163 करोड़ चुकाए जाने का नोटिस:SC के दिशा-निर्देश-भ्रमण के उल्लंघन का आरोप, नकारे पर सील हो सकता है कार्यालय

नई दिल्ली3 घंटे पहले

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सरकारी विज्ञापन की विज्ञापन में राजनीतिक विज्ञापन प्रकाशित पर आम आदमी पार्टी को 163.62 करोड़ रुपए का हड़पने का नोटिस भेजा गया है। पहले दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को 97 करोड़ रुपए का हड़पने का निर्देश दिया था। सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) ने 163.62 करोड़ रुपए के नोटिस भेजे, जिसमें 99.31 करोड़ रुपए मूलधन और व्याज के रूप में 64.31 करोड़ रुपए शामिल हैं।

विभाग ने आपको 10 दिन में इस राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। डीआईपी ने कहा है कि आप ने राजनीतिक विज्ञापनों पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश-निर्देशों का उल्लंघन करके राज्य को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर भुगतान नहीं किया गया तो पार्टी के कार्यालय को सील कर दिया जाएगा और पार्टी की गड़बड़ी को कुर्क सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिसोदिया बोले- अधिकारी नशा कर रहे LG
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दोबारा नोटिस को लेकर उपराज्यपाल पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली सरकार के अधिकारियों का नाजायज इस्तेमाल कर रहे हैं। सिसोदिया ने इस मामले में आपत्तिजनक जाते हुए प्रेस वार्ता में उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर सत्ता का नशा करने का आरोप लगाया है। सिसोदिया ने कहा कि अधिकारियों का उपयोग जनता के काम के लिए किया जाना चाहिए, मुख्यमंत्री और मंत्री को नोटिस देने में नहीं।

भाजपा की सरकारें भी यही कर रही हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सिसोदिया ने कहा, दिल्ली में अफसरों पर असंवैधानिक नियंत्रण का नाजायज उपयोग देखें भाजपा ने दिल्ली सरकार की सूचना विभाग सचिव एलिस वाज (आईएएस) से नोटिस दिलवाया है कि वर्ष 2017 से दिल्ली से बाहर राज्य में दिए गए विज्ञापनों का ज्ञापन मुख्यमंत्री से आरा जाएगा।

अजय माकन और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने की शिकायत थी
अधिकारियों ने बताया कि बीजेपी नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी और दिल्ली कांग्रेस के नेता अजय माकन की शिकायत के बाद सीसीआरजी ने इस पर जांच शुरू की। जांच में यह पता चला कि आम आदमी पार्टी ने विज्ञापनों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का उल्लंघन किया था। इसके बाद इसे डीआईपी को इन विज्ञापनों पर खर्च करने की रकम गिनी जाती है और उसे रिकवर करने का आदेश आम आदमी पार्टी को दे दिया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि DIP ने बताया कि पार्टी ने 97 करोड़ रुपये गैर-पुष्टि संदेशों पर खर्च किए हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। डीआईपी ने विज्ञापन एजेंसी की तरफ से प्रकाशन को 42.26 करोड़ रुपए जारी किए थे। वहीं, बाकी 54.87 करोड़ अभी भी बकाया है।

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