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आज का इतिहास:247 साल पहले ऑक्सीजन की खोज हुई, खोज करने वाले वैज्ञानिक ने इसका नाम डिफ्लोजिस्टिकेटेड एयर दिया था

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  • Today History (Aaj Ka Itihas) 1st August; Oxygen Discovered In 1774 By English Chemist Joseph Priestley

आज ही के दिन 1774 में इंग्लैंड के वैज्ञानिक जोसेफ प्रीस्ले ने मरक्यूरिक ऑक्साइड को जलाकर डिफ्लोजिस्टिकेटेड एयर की खोज की थी। यही गैस आगे चलकर प्राणवायु ऑक्सीजन के नाम से जानी गई। इससे पहले पूरी दुनिया एक सवाल का जवाब पता करने में लगी थी। ये सवाल था – आखिर चीजें जलती कैसे हैं?

अलग-अलग लोग हवा में अलग-अलग पदार्थ जलाकर ये पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि हवा में कुछ तो ऐसा होता होगा जिसकी वजह से आग जलती है। 18वीं शताब्दी के आसपास इस सवाल का जवाब पाने के लिए वैज्ञानिकों के प्रयास बढ़ने लगे।

1772 में स्वीडन के वैज्ञानिक कार्ल विल्हेम शील एक एक्सपेरिमेंट कर रहे थे। उन्होंने मैग्नीज ऑक्साइड, पोटेशियम नाइट्रेट और कई एलिमेंट को मिलाकर गर्म किया। इन्हें गर्म करने पर एक गैस निकली। शील ने देखा कि इस गैस में चीजें ज्यादा तेजी से जलती हैं। साथ ही जीव-जन्तु भी इस गैस में ज्यादा देर तक जिंदा रह पाते हैं। शील ने ऑक्सीजन की खोज कर ली थी, लेकिन उन्होंने इसे ‘फायर एयर’ नाम दिया।

गैसों पर एक्सपेरिमेंट के लिए बनाया गया जोसेफ का इंस्ट्रूमेंट कुछ इस तरह दिखता था।

गैसों पर एक्सपेरिमेंट के लिए बनाया गया जोसेफ का इंस्ट्रूमेंट कुछ इस तरह दिखता था।

दो साल बाद 1774 में इंग्लैंड के जोसेफ प्रीस्ले भी इसी तरह के एक्सपेरिमेंट करने लगे। प्रीस्ले का मानना था कि पूरी की पूरी हवा आग जलने में सहायक नहीं होती, केवल हवा का कुछ हिस्सा ही आग जलने में मदद करता है। अपनी इस थ्योरी को प्रूव करने के लिए प्रीस्ले ने 1 अगस्त 1774 को एक एक्सपेरिमेंट किया। उन्होंने एक बंद बर्तन में रेड मरक्यूरिक ऑक्साइड को गर्म किया। गर्म करने के बाद जो हवा निकली उसे एक दूसरे बर्तन में इकट्ठा कर लिया।

उन्होंने इस हवा में जब एक जलती हुई चीज रखी, तो वह और तेजी से जलने लगी। इस हवा में चूहे भी साधारण हवा के मुकाबले ज्यादा देर तक जिंदा रहे। इसी तरह आज ही के दिन 1774 में प्राणवायु गैस ऑक्सीजन की खोज हुई। हालांकि, प्रिस्ले ने ऑक्सीजन को डिफ्लोजिस्टिकेटेड एयर नाम दिया था। उनका मानना था कि क्योंकि इस हवा में फ्लॉजिस्टन नहीं है, इसलिए यह जलने में ज्यादा मदद करती है।

अभी तक ऑक्सीजन को ऑक्सीजन नाम नहीं मिला था। 1777 में एक और वैज्ञानिक एंटोइन लेवाइजर ने भी ऑक्सीजन पर स्टडी की। उन्होंने ऑक्सीजन को ऑक्सीजन नाम दिया और पहली बार बताया कि ऑक्सीजन एक केमिकल एलीमेंट है। साथ ही चीजों के जलने में ऑक्सीजन की भूमिका को भी डिटेल में दुनिया को बताया।

अब सवाल उठता है कि फिर ऑक्सीजन की खोज किसने की? 1772 में शील ने ऑक्सीजन की खोज तो कर ली थी लेकिन उन्होंने अपनी स्टडी को कहीं पब्लिश नहीं किया था। इसके उलट 1774 में प्रिस्ले ने ऑक्सीजन की खोज भी कर ली थी और अपनी स्टडी को पब्लिश भी किया था। इसी वजह से प्रिस्ले को ऑक्सीजन का खोजकर्ता माना जाता है।

1920: महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की

गांधी जी ने आज ही के दिन 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान स्टूडेंट्स ने स्कूलों और कॉलेजों में जाना बंद कर दिया, वकीलों ने अदालत में जाने से मना कर दिया और मजदूर हड़ताल पर चले गए। पूरे देश में विदेशी कपड़ों की होली जलाई जाने लगी। इससे विदेशी कपड़े का आयात बहुत कम हो गया।

आंदोलन के दौरान विदेशी कपड़ों की होली जलाने के लिए कपड़े इकट्ठे करते लोग।

आंदोलन के दौरान विदेशी कपड़ों की होली जलाने के लिए कपड़े इकट्ठे करते लोग।

जैसे-जैसे यह आंदोलन फैलता गया, लोगों ने केवल भारतीय कपड़ों को पहनना शुरू कर दिया। इससे अंग्रेजों का आर्थिक नुकसान बढ़ने लगा और भारतीय कपड़ा मिलों का उत्पादन बढ़ गया। हालांकि, असहयोग आंदोलन के शुरू होने का कारण अंग्रेजों का बढ़ता अत्याचार, रोलेट एक्ट और पहला विश्वयुद्ध अहम वजह थे।

इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत इसका अहिंसक होना था, लेकिन 5 फरवरी 1922 को आंदोलनकारी किसानों ने यूपी के चौरी चौरा में एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में 22 पुलिसकर्मी मारे गए। इस घटना से आहत हुए गांधी जी ने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।

1953: देश में सभी एयरलाइंस का राष्ट्रीयकरण किया गया

1953 तक भारत में 8 प्राइवेट एयरलाइन कंपनियां हवाई यात्रा की सुविधा दे रही थीं, लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध की वजह से दुनियाभर में एविएशन सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस मंदी से निपटने के लिए योजना आयोग ने सुझाव दिया कि सभी एयरलाइन कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाए। इसके बाद सरकार ने एयर कॉर्पोरेशंस एक्ट को संसद में पेश किया।

जेआरडी टाटा ने देश में 1932 में टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की थी। टाटा एयरलाइंस ही आगे चलकर एयर इंडिया बनी।

जेआरडी टाटा ने देश में 1932 में टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की थी। टाटा एयरलाइंस ही आगे चलकर एयर इंडिया बनी।

मार्च 1953 में संसद ने एयर कॉर्पोरेशंस एक्ट पास किया। 28 मई 1953 को इस एक्ट पर राष्ट्रपति ने अपने हस्ताक्षर किए और आज ही के दिन 1953 में ये एक्ट लागू हुआ। इसी के साथ देश में कामकाज कर रही 8 एयरलाइन कंपनियों को मिलाकर इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया बनाई गई। एयर इंडिया को इंटरनेशनल तो इंडियन एयरलाइंस को डोमेस्टिक फ्लाइट्स संभालने का जिम्मा दिया गया।

1 अगस्त के दिन को और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है…

1994: पॉप स्टार माइकल जैक्सन ने लिसा मैरी प्रेस्ली से शादी की घोषणा की।

1971: बीटल्स के जॉर्ज हैरिसन और पंडित रविशंकर ने न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वैयर पर नए-नए बने बांग्लादेश के लिए चैरिटी कॉन्सर्ट का आयोजन किया। इसे सबसे सफल चैरिटी कॉन्सर्ट में गिना जाता है।

1960: पाकिस्तान की राजधानी को कराची से बदलकर इस्लामाबाद कर दिया गया।

1957: नेशनल बुक ट्रस्ट की स्थापना।

1944: एनी फ्रैंक ने अपनी डायरी में आखिरी एंट्री की। एनी फ्रैंक की डायरी को जर्मन शासन की क्रूरता का लिखित दस्तावेज माना जाता है।

1936: एडोल्फ हिटलर ने बर्लिन में ओलिंपिक खेलों की शुरुआत की। हिटलर ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए इन खेलों पर पानी की तरह पैसा बहाया था।

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