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अब रोज बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतें, केंद्रीय मंत्री का इशारा, नहीं घटेंगे दाम

सरकारी तेल कंपनियों द्वारा ईंधन के दाम में बढ़ोतरी किए जाने के बाद रविवार को दिल्ली में डीजल और पेट्रोल दोनों के दाम में 35-35 पैसे का इजाफा हुआ। दिल्ली में अब लोगों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 105.84 रुपए और एक लीटर डीजल के लिए 94.57 रुपए का भुगतान करना होगा।

देश में अब रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। रविवार को फिर से सरकारी तेल कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल के दाम में इजाफा किया है। वहीं तेल के बढ़ते दामों को लेकर फ़िलहाल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने भी इशारा कर दिया है कि अभी तेल के दामों में कोई कमी नहीं होगी।

सरकारी तेल कंपनियों द्वारा ईंधन के दाम में बढ़ोतरी किए जाने के बाद रविवार को दिल्ली में डीजल और पेट्रोल दोनों के दाम में 35-35 पैसे का इजाफा हुआ। दिल्ली में अब लोगों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 105.84 रुपए और एक लीटर डीजल के लिए 94.57 रुपए का भुगतान करना होगा। वहीं आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई में भी ईंधन का दाम आसमान पर है। मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 111.77 रुपए तो एक लीटर डीजल 102.52 रुपए में मिलेगा।

Today, the consumption of petrol & diesel is higher by 10-15% & 6-10% respectively compared to pre-COVID times. I’ll not go into the price issue. We continue to work towards the price stability: Union Petroleum & Natural Gas Minister Hardeep Singh Puri at an event in Delhi y’day pic.twitter.com/NwlABg5JhT

— ANI (@ANI) October 16, 2021

कमोबेश यही हाल चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों का भी है। तेल के बढ़ते दामों की वजह से कोलकाता में पेट्रोल 106.43 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.68 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में डीजल 98.92 रुपए और पेट्रोल 103.01 रुपए मिल रहा है। 

वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इशारों इशारों में कहा है कि फ़िलहाल तेल के दामों में कमी नहीं होगी। शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कोरोना काल से पहले की तुलना में आज पेट्रोल और डीजल की खपत में क्रमशः 10-15% और 6-10% की वृद्धि हुई है। मैं कीमत पर नहीं जाऊंगा। हम पेट्रोल और डीजल के दामों में स्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं। 

डीजल के बाद अब किसानों को सता रही डीएपी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमत तो हो गई बड़ी किल्लत

डीजल- पेट्रोल के बढ़ते दामों के बाद किसानों को अब डीएपी की किल्लत भी सता रही है। किसानों को रबी फसल की बुवाई से पहले उचित मात्रा में डीएपी नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते किसान परेशान होकर खाद वितरण केंद्रों का चक्कर लगाने पर मजबूर हो रहे हैं। दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने की वजह से डीएपी की किल्लत हो रही है। पिछले चार सालों की तुलना में इस साल अक्टूबर के शुरुआती दिनों में डीएपी समेत दूसरे खादों के स्टॉक सबसे निचले स्तर पर थे।

दरअसल स्टॉक में कमी होने की मुख्य वजह भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की वृद्धि ही है। भारत में इस साल आयातित डीएपी की कीमत 675-680 डॉलर प्रति टन है। जबकि यह कीमत पिछले साल सिर्फ 370 डॉलर थी। कमोबेश यही हाल दूसरे खादों का भी है है। यूरिया के दाम पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 280 डॉलर थे जो इस साल 660 डॉलर तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा अमोनिया भी 230 डॉलर से 625 डॉलर तक पहुंच गया है।

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